देवास की मोरूखेड़ी पंचायत ने बारिश के पानी को रोकने के लिए पहाड़ी पर छोटी-छोटी खाइयों का सहारा लिया। 12 मई 2026 की जनसम्पर्क रिपोर्ट के अनुसार, जनभागीदारी से करीब एक हेक्टेयर क्षेत्र में 350 कंटूर ट्रेंच बनाई गईं। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत किया गया यह काम पंचायत की कई जल-संरचनाओं में से एक था।
पहाड़ी से छतों तक
कंटूर ट्रेंच के अलावा पंचायत में तीन पेरकोलेशन टैंक, दो डगवेल, छत के पानी के संचयन की पाँच संरचनाएँ, एक बोरिंग रिचार्ज संरचना और दो चेक डैम बनाए जाने का विवरण है। इस तरह काम पहाड़ी क्षेत्र के साथ छतों और दूसरे जल-संचयन स्थानों तक फैला।
रिपोर्ट में 350 ट्रेंचों से सालाना करीब 13 लाख लीटर वर्षाजल रोकने का अनुमान दिया गया है। बाकी संरचनाओं के लिए करीब सात लाख लीटर अतिरिक्त संचयन का अनुमान है। ये बनी हुई संरचनाओं से अपेक्षित क्षमता के आँकड़े हैं।
इन कामों का उद्देश्य वर्षाजल रोककर आसपास के कुओं और बोरिंग को सहारा देना है।
मुख्य बातें
- मोरूखेड़ी की पहाड़ी पर करीब एक हेक्टेयर क्षेत्र में 350 कंटूर ट्रेंच बनाई गईं।
- पंचायत में पेरकोलेशन टैंक, डगवेल, छत के पानी की संरचनाएँ और चेक डैम भी बने।
- वार्षिक जल-संचयन की मात्रा सरकारी अनुमान है; यह मापी हुई बचत का आँकड़ा नहीं है।
स्रोत और संदर्भ
- मध्यप्रदेश जनसम्पर्क विभाग · देवास जिले की ग्राम पंचायत मोरूखेड़ी ने पेश की जल संरक्षण की मिसाल ↗12 मई 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।



